Cryptocurrency , Bitcoin क्या है और यह कैसे काम करती है?

Cryptocurrency , Bitcoin क्या है और यह कैसे काम करती है?

Intro : Cryptocurrency , Bitcoin kya Hai ?

दर्शकों , Cryptocurrency की तो बात ही अलग है! सब हेडलाइंस में चलती रहती है, पर असली सीन क्या है? Bitcoin जैसी मशहूर करेंसी का क्या फंडा है? चलो, थोड़ा Digital Currency का चक्कर लगा लेते हैं और उनके फंडे को समझते हैं।

देखो दर्शकों , Cryptocurrency एक डिजिटल करेंसी है जिसे सरकार या बैंक नियंत्रण नहीं करते। मतलब, कोई भी बड़ी कंपनी या सरकार उसका नियंत्रण नहीं रख सकती। सब विकेंद्रीकृत (Decentralized) है।

अब Bitcoin के बारे में बात करें तो, ये सबसे मशहूर Cryptocurrency है। इसमे लेनदेन होते हैं पीयर-टू-पीयर, मतलब सीधा सीधा भाई से भाई। किसी थर्ड पार्टी (कंपनी या सरकार) की जरूरत नहीं पड़ती।

अब इसका मैकेनिज्म क्या है? Bitcoin का काम चलाने वाले लोग, जो Miners कहलाते हैं, लेनदेन को वेरिफाई करते हैं। ये सब वेरिफाई होने के बाद, एक पब्लिक लेजर को अपडेट करते हैं जिसे ब्लॉकचेन (Blockchain) कहते हैं। ये Blockchain एक डिजिटल रिकॉर्ड है जिसमें सब ट्रांजेक्शन स्टोर होते हैं।

Blockchain & all Cryptocurrencys

तो आप समझे ना, Cryptocurrency Kya Hai ? , सब कुछ डिजिटल है, कोई बड़ा बंदा नियंत्रण नहीं करता, और लेनदेन पारदर्शी होते हैं ब्लॉकचेन के माध्यम से। क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया है ही ऐसा !

Exploring the Concept of Cryptocurrency

1.क्रिप्टोकरेंसी क्या है? / What is Cryptocurrency?

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? सुनो, ये डिजिटल या वर्चुअल करन्सी है जो सिक्युरिटी के लिए Cryptography का उपयोग करता है। ट्रेडिशनल कर्रेंसी जैसे डॉलर या यूरो से अलग है, क्योंकि ये केंद्रीय प्राधिकरण जैसे बैंक या सरकार के बिना काम करती हैं।

2.बिटकॉइन का जन्म / The Birth of Bitcoin

अब आओ, बात करते हैं बिटकॉइन के जन्म की। 2009 में, एक अंजान Entity जिन्हे कहते हैं सातोशी नाकामोटो , सातोशी नाकामोटो लेके आये बिटकॉइन को।

ये था शुरूवात एक नई Monetary System की, जिसमें सभी पारंपरिक वित्तीय संरचनाओं (Conventional Financial Structures) को चुनौती दी गई।

So many Cryptocurrency Bitcoin coin .

3.विकेंद्रीकरण: एक प्रमुख विशेषता / Decentralization: A Key Feature

Decentralization तो है वो चीज़ जो हर Cryptocurrency का DNA है। Central Authority पर निर्भर होने के बजाय , लेन-देन को वेरीफाई और रिकॉर्ड किया जाता है एक Public Ledger पे , जिसे हम कहते हैं Blockchain, और ये लेजर किसी को भी एक्सेस करने के लिए खुला है।

Cryptocurrency , Bitcoin कैसे काम करता है ?

1.ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी / Blockchain Technology

बिटकॉइन कैसे काम करता है यह समझने के लिए, सबसे पहले Blockchain Technology को समझना जरूरी है।
Blockchain Technology एक तरह का डिजिटल लेजर है जो सारे बिटकॉइन लेनदेन को रिकॉर्ड करता है। अब ये लेजर विकेंद्रीकृत (Decentralized) है, मतलब किसी एक जगह पर नहीं है, बल्कि कंप्यूटर का एक नेटवर्क फैला हुआ है।
Cryptocurrency blockchain infographics

अब, हर एक ब्लॉक में लेनदेन का एक सेट होता है। हर एक ब्लॉक के बाद, एक नया ब्लॉक जनरेट होता है, जिसमें नए लेनदेन शामिल होते हैं। ये ब्लॉक एक दूसरे से क्रिप्टोग्राफिकली लिंक्ड(Cryptographically Linked) होते हैं, जैसे एक चेन का हर कड़ी जुदा होता है। इसी से ये मशहूर चेन बनती है, जिसे हम ब्लॉकचेन(Blockchain ) कहते हैं।

हर लेनदेन की जानकारी सुरक्षित तरह से स्टोर होती है और सब कुछ एक इंटरकनेक्टेड सिस्टम में होता है, बिना किसी एक Central Authority के। ये ही है बिटकॉइन का असली मसाला, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए ऑपरेट करता है।

2.Mining for Bitcoins

बिटकॉइन लेनदेन को मान्य करने के लिए एक प्रक्रिया होती है जिसे माइनिंग कहते हैं।

3.Limited Supply:

Traditional currencies तो इन्फ्लैशन के दायरे में अटके रहते हैं, लेकिन बिटकॉइन को एक सीमित आपूर्ति (Finite Supply) दी गई है, केवल 21 मिलियन कॉइन्स तक।

इसकी कमी(Scarcity) ही है जो बिटकॉइन को मूल्यवान बनाती है और अत्यधिक मुद्रण(Excessive Printing) के नुकसान से बचती है जैसे कि fiat currencies का होता है।

जब कुछ सीमित होता है, तब उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है। इसी तरह से, जब लिमिटेड सप्लाइ की बात आती है बिटकॉइन की, लोग उसमें मूल्य (Value) देख कर निवेश करते हैं।

और फिर ना, ज्यादा प्रिंटिंग की टेंशन भी नहीं होती। बिटकॉइन का सीन ही अलग है ! लिमिटेड सप्लाइ की वजह से, ये एक ठोस निवेश विकल्प बन जाता है।

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FAQ (पूछे जाने वाले सवाल ) :

Decentralized” (“विकेंद्रीकृत”) का मतलब क्या होता है ?

“Decentralized” (“विकेंद्रीकृत”) का मतलब होता है कि किसी भी सिस्टम में एक केंद्रीय प्राधिकरण(Central Authority) या नियंत्रण नहीं होता। इसका अर्थ है कि हर एक निर्णय(Decision), लेन-देन(Transaction), या प्रक्रिया(Process) को एक ही जगह से नियंत्रित नहीं किया जाता है। इसकी जगह, Power और Authority को वितरित(Distribute) किया जाता है कई स्थानों पर या प्रतिभागियों(Participants) के बीच में।

इस तरह से, हर कोई अपनी-अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों का हिस्सा निभाता है सिस्टम में। विकेंद्रीकृत प्रणालियों(Decentralized Systems ) में, अगर कोई एक पॉइंट फेल भी हो जाए, तो पूरा सिस्टम इफेक्ट नहीं होती। ये लचीलापन (Flexibility aur Resilience) प्रदान करता है सिस्टम को।

क्रिप्टोकरेंसी जैसी डिजिटल मुद्राएं विकेन्द्रीकृत प्रकृति(Decentralized Nature) के साथ ऑपरेट करते हैं, जिसमें कोई भी एक सेंट्रल अथॉरिटी या बैंक लेनदेन को नियंत्रण नहीं करता।

बिटकॉइन कैसे हासिल किया जाए?

बिटकॉइन को खरीदने के लिए कई तरीके होते हैं, जैसे क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, पीयर-टू-पीयर प्लेटफॉर्म और बिटकॉइन एटीएम।

पर्सनल कंप्यूटर से बिटकॉइन को माइन किया जा सकता है?

तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन बिटकॉइन माइनिंग के लिए विशेष हार्डवेयर और अधिक कम्प्यूटेशनल पावर चाहिए होती है, जिसके कारण यह है कि ज्यादातर व्यक्तियों के लिए यह व्यावहारिक नहीं होता।

क्या बिटकॉइन कानूनी( Legal) है?

बिटकॉइन की Legality देश के साथ अलग होती है। कुछ देश तो वेलकम करते है, लेकिन कुछ दूसरे देश प्रतिबंध लगाते हैं या फिर इसके उपयोग और व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हैं। इंडिया मे यह लीगल है क्योंकी बिटकॉइन पे भारतीय सरकार टैक्स लेती है ।

क्या बिटकॉइन लेनदेन को रिवर्स किया जा सकता है?

पारंपरिक बैंकिंग प्रणालियों के विपरीत, बिटकॉइन लेनदेन जब एक बार पुष्टि हो जाते हैं ब्लॉकचेन पे, तब वो अपरिवर्तनीय हो जाते हैं। इसलिए, सावधानी के साथ ही लेन-देन करना जरूरी है।

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